
मानसून की सुस्त रफ्तार का असर अब उदयपुर जिले में साफ दिखाई देने लगा है। शुरुआती दौर में अच्छी बारिश के बाद अब लंबे समय से बारिश नहीं होने से मौसम में उमस बढ़ गई है और लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। लगातार सूखे मौसम का असर तापमान पर भी देखने को मिला है। पिछले सात दिनों में अधिकतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है। शुक्रवार को उदयपुर का अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं उदयपुर संभाग में शुक्रवार को केवल डूंगरपुर जिले में 12.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार 17 जुलाई तक उदयपुर जिले में 183.6 मिलीमीटर वर्षा हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 128.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। यानी जिले में सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इसी कारण उदयपुर को रेड कैटेगरी में रखते हुए डी श्रेणी में शामिल किया गया है, जिसका अर्थ कम वर्षा की स्थिति है। बारिश की कमी का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है। शुरुआती अच्छी बारिश के बाद किसानों ने मक्का, मूंगफली और ज्वार सहित खरीफ फसलों की बुवाई कर दी थी, लेकिन मानसून की रफ्तार थमने से खेतों में नमी कम होती जा रही है। लगातार तेज धूप, गर्मी और उमस के कारण कई स्थानों पर बीजों का अंकुरण प्रभावित हुआ है। जिन खेतों में अंकुर निकल चुके हैं, वहां भी पानी की कमी से पौधे मुरझाने लगे हैं। ऐसे में किसान अब अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग ने आज उदयपुर और सलूंबर जिले में बारिश की संभावना जताई है, जिससे लोगों और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।